Monday, June 2, 2014

यूपीएसईई में अश्विनी सिंह की 263 वीं रैंक

उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के संयोजकत्व में आयोजित यूपी स्टेट इंट्रेंस इक्जामिनेशन (यूपीएसईई) 2014 के परिणाम सोमवार दोपहर में घोषित कर दिए गए। इसमें जिले के आधा दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने कामयाबी हासिल की है। नगर के आवास विकास कालोनी के अश्रि्वनी सिंह ने इसमें सामान्य वर्ग में 263 वीं रैंक पायी है वहीं सिमरन गुप्ता की बीसीजीएल (बैकवर्ड क्लास ग‌र्ल्स) में 1005 वीं रैंक हैं। इसी क्रम में अनिता मेमोरियल कान्वेंट स्कूल हैबतपुर के छात्र-छात्राओं में शांदली सिंह की 2000 वीं, रूचि पाठक की 3000 वीं, अभिनव सिंह की 3079 वीं, सौरभ सिंह की 4463 वीं तथा आशुतोष सिंह की 13000 वीं रैंक है। इन छात्र-छात्राओं की कामयाबी पर उनके घरों में जश्न का माहौल है।
मेधावी छात्र अश्रि्वनी सिंह व सिमरन गुप्ता ने अपनी कामयाबी का श्रेय आर्यन अकादमी के संचालक अशोक कुमार गुप्ता व रितेश मिश्रा को दिया है जिन्होंने अकादमी में पठन-पाठन के दौरान क्रमश: भौतिकी व रसायन शास्त्र में उनका ज्ञानव‌र्द्धन किया। अश्विनी जिन्होंने सीबीएसई इंटर परीक्षा में 95 फीसद अंक प्राप्त किए थे, की तमन्ना तकनीकी क्षेत्र में दक्षता हासिल करने के बाद आईएएस बनने की है वहीं सिमरन इंजीनियरिंग क्षेत्र में धमाल करना चाहती है। इनकी कामयाबी पर संस्थान में मिष्ठान वितरण भी किया गया। उधर अनिता मेमोरियल कान्वेंट स्कूल में भी जश्न का माहौल रहा। चेयरमैन रजनीश राय, वाइस चेयरमैन शैलेश कुमार राय, प्रधानाचार्य डीपी गुप्ता, डाइरेक्टर एजूकेशन अशोक कुमार राय, एसएन मिश्र आदि ने इन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Thursday, May 8, 2014

देश को बदलाओ की ज़रुरत है


सभी बल्लिआ  वसिओ से मेरा कर बद्द अनुरोध है कि आप लोग अपना मत सोच -समझ कर डाले देश को बदलाओ की ज़रुरत है|   

Monday, March 24, 2014

तब फिरंगियों के दांत खट्टे किए थे 'बाघ' ने

सन् 1942 में बहादुरी से फिरंगियों के दांत खट्टे करने वाले शहीद राजकुमार बाघ की शहादत दिवस पर जनपद वासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को जिला कारागार स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनकी शहादत से प्रेरणा लें नए समाज के स्थापना का संकल्प लिया।
जिला कारागार स्थित राजकुमार बाघ की प्रतिमा स्थल पर सुबह पहुंचे लोगों ने उनकी शहादत को याद किया और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान शहीद के पुत्र वंशीधर को माला पहनाकर सम्मानित भी किया गया। शहीद के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजकुमार को बाघ की उपाधि जवाहर लाल नेहरू ने बलिया आगमन के दौरान दी थी। वक्ताओं ने कहा कि आवश्यकता है कि राजकुमार बाघ की शहादत का सम्मान करते हुए एक स्वच्छ समाज की स्थापना की जाए। बाघ को माल्यार्पण करने वालों में विधायक गोरख पासवान, वीरेंद्र पाठक, संजय उपाध्याय, मिठाईलाल भारती, डा.मदन राम, रामेश्वर पासवान, इंदल राम, महफूज आलम, अमर नाथ पासवान आदि मौजूद थे। इसी क्रम में गोठहुली के ग्राम प्रधान शंकर पासवान उर्फ फौदार ने भी बाघ की प्रतिमा पर माला पहनाई तथा उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। चौकीदार एसोसिएशन के बैनर तले चौकीदारों ने भी बाघ की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान चौकीदार संघ के जिला अध्यक्ष शारदानंद पासवान, मनोज पासवान, रंजन भारतीय, हरेराम पासवान, राजकिशोर पासवान, शिवपुजन पासवान आदि मौजूद थे।

Tuesday, March 4, 2014

ऐसा कार्य करें कि उदाहरण बन जाएं

व्यक्ति चाहे जिस क्षेत्र में कार्य करता है उसे कुछ ऐसा करना चाहिए ताकि वह समाज के लिए उदाहरण बन जाए।
यह बातें भारतीय मूल के अमेरिकी मौसम वैज्ञानिक पद्मश्री डा.जगदीश शुक्ल ने कहीं। वह मंगलवार को किसान स्नातकोत्तर महाविद्यालय रकसा में आयोजित अपने सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया में जिस तरह तापमान बढ़ रहा है, यह चिंता का विषय है। हर पांच साल पर एक कमेटी गठित होती है और इस पर कार्य करती है कि इस पर कैसे नियंत्रण किया जाए।
इसी क्रम में विद्यालय के प्राचार्य डा.अशोक कुमार सिंह ने कहा कि मौसम वैज्ञानिक श्री शुक्ल ऐसे व्यक्ति है जिन्हे 2007 में क्लाइमेंट चेंज समिति में कार्य करने के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया गया। समारोह को महेद्र शुक्ल ने भी संबोधित किया। इस मौके पर डा.राजीव सिंह ने उन्हे अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। अध्यक्षता खालाक खां चौधरी व संचालन नित्यानंद तिवारी ने किया। आभार विद्यालय के प्रबंधक लल्लन सिंह ने व्यक्त किया।

भारत में मानसून को लेकर रहेगी अनिश्चितता

भारत में मानसून इस वर्ष अनिश्चितता का खेल खेल सकता है। बारिश अधिक होगी या कम इस बारे में स्थिति अप्रैल में ही स्पष्ट हो सकेगी लेकिन अब तक की जो परिस्थितियां संकेत दे रही हैं कि मौसम आगे भी अनियमित ही रहेगा।
यह जानकारी भारतीय मूल के अमेरिकी मौसम वैज्ञानिक डॉ.जगदीश शुक्ल ने दी। श्री शुक्ल तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहल पर वर्ष 1989 में नई दिल्ली में अमेरिका के सहयोग से लगाए गए सुपर कंप्यूटर के पच्चीस साल पूरा होने पर आयोजित सिलवर जुबली समारोह में भाग लेने के पश्चात पैतृक गांव मिड्ढा आए थे। कहा कि आज भारत में उससे भी कई गुना बेहतर सुपर कंप्यूटर आ गए हैं जो यहां के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। मानसून के संबंध में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि वर्षा कम या अधिक होगी यह सब डाटा से ही पता चलता है और अप्रैल में इसे सही-सही बताया जा सकता है कि पूरे भारत में वर्षा कैसी होगी लेकिन यह तभी संभव है जब सही डाटा मिले। उन्होंने यहीं जोड़ा भी कि अभी भी अमेरिका को भारत से समय पर सही डाटा कतिपय तकनीकी व्यवधानों के चलते नहीं मिल पा रहा है। बेमौसम अचानक ठंडक व बरसात के सवाल पर उन्होंने बताया कि इस बार अमेरिका में भी काफी हिमपात हुआ है वहीं कई देशों में गर्मी बढ़ी है जिसकी वैज्ञानिकों में चर्चा चल रही है। इसे उन्होंने ग्लोबलवार्मिग का ही दुष्परिणाम बताया। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने मिड्ढा के गांधी महाविद्यालय में स्थापित मौसम विज्ञान से संबंधित उपकरणों का भी अवलोकन किया। बताना लाजिमी है कि ये उपकरण उन्हीं की पहल पर व निगरानी में यहां स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को मानसून की स्पष्ट स्थिति के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। इससे उन्हें काफी सहूलियत मिलेगी और सिंचाई के लिए बादलों की तरफ टकटकी लगाने की स्थिति से भी वे बाहर निकल सकेंगे। इसका उत्पादकता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

जनसंख्या नियोजन के लिए हो जन जागरण

भारतीय मूल के अमेरिकी मौसम वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ.जगदीश शुक्ल ने सोमवार को अपने पैतृक गांव व आस-पास के गांवों के आर्थिक व सामाजिक पिछड़ेपन का सच जाना। साथ ही बखूबी महसूस किया कि यह स्थिति अशिक्षा के चलते ही पेश आ रही है। मिड्ढा गांव की एक महिला के बारे में जानकारी मिलते ही कि उसके पांच बच्चे हैं और छठवें बच्चे को जनने वाली है, श्री शुक्ल की पेशानी पर बल पड़े और जनसंख्या नियोजन के लिए उन्होंने लोगों को जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया। श्री शुक्ल उस समय हैरत में पड़ गए जब 23 वर्षीय उस महिला ने इन बच्चों को भगवान की देन बताते हुए 11 बच्चे जनने की इच्छा जाहिर की। उन्होंने इस तरह की स्थिति को समाज के लिए घातक बताते हुए कहा कि सरकार द्वारा इस तरह की कई योजनाओं का क्रियान्वयन करने के बाद भी ये हाल समझ से परे है। इस दौरान उन्हें यह भी बताया गया कि उक्त महिला मड़हे में अपने परिवार के साथ जीवन यापन कर रही है। श्री शुक्ल ने परिवारीजनों व स्वयं सेवी संस्थाओं को उक्त परिवार की मदद के लिए आगे आने को कहा।

Tuesday, February 11, 2014

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है इसे स्वीकार करो कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। प्रसिद्ध साहित्यकार व कवि हरिवंश राय बच्चन की उक्त पंक्तियों के साथ श्री नरहेजी पीजी कालेज नरहीं में संचालित बीएड व बीटीसी के छात्राध्यापकों का पांच दिवसीय स्काउट गाइड प्रशिक्षण शिविर सोमवार को शुरू हुआ। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य ललित किशोर उपाध्याय ने कहा कि वसुधैव कुटुंबकम् व सर्वे भवंतु सुखिन: के सिद्धांत को आत्मसात करके ही सशक्त व अखंड भारत का निर्माण किया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि राजेश कुमार सिंह ने कहा कि स्काउट गाइड का मूल कर्तव्य अपने जीवन को व्यवस्थित करते हुए आपदाग्रस्त समाज में व्यवस्था कायम कर सेवा भाव पैदा करना है। स्काउट गाइड के जिला संगठक सौरभ कुमार पांडेय ने आशा व्यक्त की कि छात्राध्यापक जीवनपर्यत समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने में अपनी निर्णायक भूमिका अदा करेगे। मुख्य अतिथि ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। स्वास्तिका मिश्र, आशुतोष ने प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। मिथिलेश द्वारा प्रस्तुत देश भक्ति गीत होटों पर गंगा हो, हाथों में तिरंगा हो, में सभी के अंदर देश भक्ति का जज्बा भर दिया। बीएड की छात्रा ममता की प्रस्तुति भला कैसे भूलेंगे तुमको वतन को खूब सहरा गया। बीएड की ही सत्या तिवारी ने हे रोम, रोम में बसने वाले राम को सुनाकर भक्ति इस का संचार किया। समारोह को डा.अच्युतयानंद चौबे, राज कुमार, शोभा मिश्र, जय सिंह ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता डा.सुशीला सिंह व संचालन सोनम ने किया। विभागाध्यक्ष डा.केएम सिंह ने आभार प्रकट किया।