Friday, November 4, 2016

आस्था के महापर्व डाला छठ की प्रासंगिकता

पुराण में छठ पूजा के पीछे की कहानी राजा प्रियंवद को लेकर है। कहा जाता है कि राजा प्रियवंद को कोई संतान नहीं थी तब महर्षि कश्यप ने संतान की प्राप्ति के लिए यज्ञ कराकर प्रियंवद की पत्नी मालिनी को आहुति के लिए बनाई गई खीर दी जिससे उन्हें पुत्र की प्राप्ति हुई। पुत्र मरा हुआ पैदा होने से दुखी प्रियंवद मृत पुत्र को लेकर श्मशान गए और पुत्र वियोग में अपनी जान देने लगे। उसी समय भगवान की मानस पुत्री देवसेना प्रकट हुईं और उन्होंने राजा से कहा कि क्योंकि वह सृष्टि की मूल प्रवृति के छठे अंश से उत्पन्न हुई हैं इसी कारण वह षष्ठी कहलाती हैं। षष्ठी ने राजा प्रियंवद से पूजा करने की बात की। व्रत के बाद राजा का पुत्र जीवित हो गया। षष्ठी के प्रेरणा से राजा का पुत्र जीवित हुआ था तभी से कार्तिक शुक्ल षष्ठी को यह पूजा होती है। जसे अब छठ पूजा के नाम से जाना जाता है। 

12 वर्ष बाद है ऐसा संयोग : ओमप्रकाश चौबे: लोक आस्था के महापर्व छठ पूजा पर इस वर्ष कार्तिक शुक्ल षष्ठी को बारह वर्ष के बाद ऐसा खास संयोग भी बन रहा है । जयप्रकाशनगर के दलजीत टोला निवासी आचार्य ओमप्रकाश चौबे के अनुसार पहला अ‌र्घ्य रविवार को होने और चंद्रमा के गोचर में रहने से सूर्य आनंद योग का संयोग बन रहा है। यह खास संयोग लगभग 12 वर्षों के बाद बना है। 

बरसेगी महालक्ष्मी की भी कृपा: इस बार के छठ महापर्व पर चंद्रमा और मंगल के एक साथ मकर राशि में रहने से महालक्ष्मी की भी कृपा व्रतियों पर बरसेगी। वहीं चंद्रमा से केंद्र में रहकर मंगल के उच्च होने या स्वराशि में होने से पंच महापुरुष योग में एक रुचक योग भी षष्ठी-सप्तमी को बनेगा। 

छठ महापर्व का चार दिवसीय कार्यक्रम:

-नहाय-खाए : 4 नवंबर (शुक्रवार)
-खरना-लोहड़ : 5 नवंबर (शनिवार)
-सायंकालीन अ‌र्घ्य-6 नवंबर (रविवार)
-प्रात:कालीन अ‌र्घ्य : 7 नवंबर (सोमवार)
-सायंकालीन अ‌र्घ्य का समय :- शाम 5.10 बजे
-प्रात:कालीन अ‌र्घ्य का समय : प्रात: 6.13 बजे 

कैसे करें छठ पर सूर्य उपासनाडाला छठ चार दिनी आयोजन है। इस व्रत में व्रती महिलाओं को इस व्रत का चार चरण पूरा करना होता है। खाय-नहाय से प्रारंभ यह व्रत उदीयमान सूर्य के अ‌र्घ्य से पूर्ण होता है। छठ व्रत का चरणवार विवरण निम्न है।

खाए नहाय : छठ पूजा व्रत चार दिन तक किया जाता है। इसके पहले दिन नहाने खाने की विधि होती है। जिसमें व्यक्ति को घर की सफाई कर स्वयं शुद्ध होना चाहिए तथा केवल शुद्ध शाकाहारी भोजन ही करना चाहिए।
खरना : इसके दूसरे दिन खरना की विधि की जाती है। खरना में व्यक्ति को पूरे दिन का उपवास रखकर, शाम के समय गन्ने का रस या गुड़ में बने हुए चावल की खीर को प्रसाद के रूप में खाना चाहिए। इस दिन बनी गुड़ की खीर बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ठ होती है।

शाम का अ‌र्घ्य : तीसरे दिन सूर्य षष्ठी को पूरे दिन उपवास रखकर शाम के समय डूबते हुए सूर्य को अ‌र्घ्य देने के लिए पूजा की सामग्रियों को लकड़ी के डाले में रखकर घाट पर ले जाना चाहिए। शाम को सूर्य को अ‌र्घ्य देने के बाद घर आकर सारा सामान वैसी ही रखना चाहिए। इस दिन रात के समय छठी माता के गीत गाने चाहिए और व्रत कथा सुननी चाहिए।

सुबह का अ‌र्घ्य : चौथे दिन सुबह-सुबह सूर्य निकलने से पहले ही घाट पर पहुंचना चाहिए। उगते हुए सूर्य की पहली किरण को अ‌र्घ्य निवेदित कर छठ माता को प्रणाम कर बाद घाट पर छठ माता को प्रणाम कर उनसे संतान-रक्षा का वर मांगना चाहिए। अ‌र्घ्य देने के बाद घर लौटकर सभी में प्रसाद वितरण करना चाहिए तथा स्वयं भी प्रसाद खाकर व्रत खोलना चाहिए।

छठ पर्व की मान्यता:

मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु इस महाव्रत को निष्ठा भाव से विधिपूर्वक संपन्न करता है वह संतान सुख से कभी अछूता नहीं रहता है । इस महाव्रत के फलस्वरूप व्यक्ति को न केवल संतान की प्राप्ति होती है बल्कि उसके सारे कष्ट भी समाप्त हो जाते हैं ।
  

Tuesday, August 23, 2016

!! हाई अलर्ट पर बलिया !!

पूर्वांचल के जिलों में तबाही मचा रही गंगा नदी बलिया में 13 साल पुराने जलस्तर पर पहुंच गई है। रविवार सुबह गंगा नदी का जलस्तर 60.28 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 57.61 मीटर से 2.66 मीटर अधिक है। इससे पहले बलिया में गंगा नदी 2003 में 60.25 मीटर तक पहुंची थी। बाढ़ के रौद्र रूप को देखते हुए पूरे जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।एनएच-31 के बलिया-बैरिया मार्ग पर कई जगहों पर बाढ़ का पानी आने से खतरे को देखते हुए इंजीनियरों के साथ डीएम गोविंद राजू डटे हैं। बैरिया से छपरा तक सड़क मार्ग पर आवागन ठप है। दुबहर से दूबे छपरा रिंग बांध तक के गांवों में तबाही मची है। दूबे छपरा बांध को बचाने की कोशिश जारी है। चौबेछपरा और श्रीनगर गांव का अस्तित्व खत्म होने की ओर है। शहर से सटे महाबीर घाट के निचले इलाकों के लोगों को पलायन करना पड़ा है। चांद दियर इलाके में भी बाढ़ से हड़कंप मचा है। कोट 350 से अधिक नावें और 15 मेडिकल टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगाईं गईं हैं। बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं से अपील है कि आगे आकर वो लोगों की मदद करें।  

गोविंद राजू, डीएम, बलिया, बनारस में गंगा और वरुणा का रौद्र रूप : वाराणसी शहर के साथ तटवर्ती इलाकों में पानी भरने से दो लाख की आबादी चपेट में है। सड़कों-गलियों में नावें चल रही हैं। लोग अपने घरों की छतों पर टेंट लगाकर रह रहे हैं। एनडीआरएफ की टीमें लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकलकर राहत शिविरों में पहुंचा रही हैं। 

मीरजापुर-गाजीपुर में बिगड़े हालात : मीरजापुर और गाजीपुर में भी गंगा के लगातार बढ़ने से दहशत है। मीरजापुर के छानबे, कोन, मझवां, सीखड़, नरायनपुर और पहाड़ ब्लॉक के 400 गांव पूरी तरह बाढ़ की चपेट में हैं। अकोढ़ी और विंध्याचल के सगरा गांव के पास मीरजापुर-इलाहाबाद मार्ग पर बाढ़ की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। डीएम राजेश कुमार सिंह ने गंगा जलस्तर पर नजर रखने और राहत शिविरों में लंच पैकेट व पशुओं के लिए चारा आदि की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। 

इलाहाबाद में गंभीर होती जा रही स्थिति : इलाहाबाद में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। यमुना में तीन सेंटीमीटर जबकि गंगा में अब भी ढाई सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर बढ़ रहा है। माताटीला बांध से लगभग चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने से यमुना में लगातार जलस्तर बढ़ रहा है। हालात यह हैं कि दोनों नदियों का जलस्तर 2013 के स्तर के काफी करीब 85.70 मीटर तक पहुंच गया है। 1978 के बाद 2013 में ही इलाहाबाद में बाढ़ ने तबाही मचाई थी, जब बख्शी बांध में भी दरार आ गयी थी। गंगा, यमुना और टोंस की बाढ़ से पूरा जिला प्रभावित है और अब तक 155 गांव और दो दर्जन मोहल्ले इसकी चपेट में आ चुके हैं। 

फतेहपुर में भी खतरा बरकरार : फतेहपुर जिले में भी गंगा और यमुना की बाढ़ से किनारे के गांवों को खतरा है। दोनों नदियों के बीच बसे जिले के तीन दर्जन गांव पानी से घिर गए हैं और उनका मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। यमुना किनारे के कोर्रा कनक,ललौली, दसौली,पल्कू डेरा, ओनई,धोबिया, लिलरा, देवलान, लामेहता गांवों की आबादी पानी से घिर गई है। लगातार बढ़ते हुए जलस्तर को देखते हुए प्रशासन के अधिकारी और रेस्क्यू टीमें तैनात कर दी गईं हैं।

Monday, March 16, 2015

!!!!!!!!!सुकन्या समृद्धि खाता का शुभारंभ!!!!!!!!

भारतीय डाक विभाग के निर्देश पर बुधवार को टाउन हाल में आयोजित बचत बैंक व डाक जीवन बीमा मेला तथा संगोष्ठी में केंद्र सरकार की महात्वाकांक्षी सुकन्या समृद्धि खाता का शुभारंभ पोस्टमास्टर जनरल गोरखपुर क्षेत्र राकेश कुमार ने किया।

इस दौरान बलिया मंडल की व्यवसाय समीक्षा भी की गई जिसमें योजनाओं पर चर्चा हुई। पीएमजी राकेश कुमार ने कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत शुरू की योजना में दस वर्ष तक की कन्याओं का खाता खोला जा सकता है। इसके लिए कन्या का जन्म व अभिभावक का निवास तथा पहचान प्रमाणपत्र देना होगा। योजना के तहत खोले गए खाते की पूर्णता कन्या के 21 वर्ष की आयु पूरी करने पर होगी।

इसमें निम्नतम एक हजार रुपये व अधिकतम डेढ़ लाख तक के निवेश की व्यवस्था दी गई है। इसमें खाता खोले जाने की तिथि से 14 वर्ष तक रुपये जमा करने होंगे। कहा कि इसमें 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेने के बाद कन्या स्वयं खाता संचालित करने की हकदार होने के साथ ही कुल जमा धन में 50 फीसद राशि आहरित कर सकती है। इसमें पूरी राशि पर 9.1 फीसद का ब्याज दिया जाएगा।

बड़ी बात है कि इसमें सरकार ने इनकम टैक्स में भी छूट का प्रावधान किया है। इसके खाते सभी डाकघरों में खोले जाएंगे। योजना के तहत जनपद भर से जुटे पोस्टमास्टर व सहायक पोस्टमास्टर को इसमें अधिक से अधिक खाते खोले जाने को कहा। योजना के शुभारंभ पर डेढ़ सौ से अधिक खाते खोले गए। कार्यक्रम में डाक अधीक्षक बीपी सिंह, अजय सिंह, देशराज सिंह, राम अवधेश यादव, गिरीश तिवारी आदि मौजूद थे।

Tuesday, October 21, 2014

दीपावली और छठ की अग्रिम सुभ कामनाएं


आप सभी को दीपावली और छठ की अग्रिम सुभ कामनाएं

Monday, June 2, 2014

यूपीएसईई में अश्विनी सिंह की 263 वीं रैंक

उत्तर प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के संयोजकत्व में आयोजित यूपी स्टेट इंट्रेंस इक्जामिनेशन (यूपीएसईई) 2014 के परिणाम सोमवार दोपहर में घोषित कर दिए गए। इसमें जिले के आधा दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने कामयाबी हासिल की है। नगर के आवास विकास कालोनी के अश्रि्वनी सिंह ने इसमें सामान्य वर्ग में 263 वीं रैंक पायी है वहीं सिमरन गुप्ता की बीसीजीएल (बैकवर्ड क्लास ग‌र्ल्स) में 1005 वीं रैंक हैं। इसी क्रम में अनिता मेमोरियल कान्वेंट स्कूल हैबतपुर के छात्र-छात्राओं में शांदली सिंह की 2000 वीं, रूचि पाठक की 3000 वीं, अभिनव सिंह की 3079 वीं, सौरभ सिंह की 4463 वीं तथा आशुतोष सिंह की 13000 वीं रैंक है। इन छात्र-छात्राओं की कामयाबी पर उनके घरों में जश्न का माहौल है।
मेधावी छात्र अश्रि्वनी सिंह व सिमरन गुप्ता ने अपनी कामयाबी का श्रेय आर्यन अकादमी के संचालक अशोक कुमार गुप्ता व रितेश मिश्रा को दिया है जिन्होंने अकादमी में पठन-पाठन के दौरान क्रमश: भौतिकी व रसायन शास्त्र में उनका ज्ञानव‌र्द्धन किया। अश्विनी जिन्होंने सीबीएसई इंटर परीक्षा में 95 फीसद अंक प्राप्त किए थे, की तमन्ना तकनीकी क्षेत्र में दक्षता हासिल करने के बाद आईएएस बनने की है वहीं सिमरन इंजीनियरिंग क्षेत्र में धमाल करना चाहती है। इनकी कामयाबी पर संस्थान में मिष्ठान वितरण भी किया गया। उधर अनिता मेमोरियल कान्वेंट स्कूल में भी जश्न का माहौल रहा। चेयरमैन रजनीश राय, वाइस चेयरमैन शैलेश कुमार राय, प्रधानाचार्य डीपी गुप्ता, डाइरेक्टर एजूकेशन अशोक कुमार राय, एसएन मिश्र आदि ने इन विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Thursday, May 8, 2014

देश को बदलाओ की ज़रुरत है


सभी बल्लिआ  वसिओ से मेरा कर बद्द अनुरोध है कि आप लोग अपना मत सोच -समझ कर डाले देश को बदलाओ की ज़रुरत है|   

Monday, March 24, 2014

तब फिरंगियों के दांत खट्टे किए थे 'बाघ' ने

सन् 1942 में बहादुरी से फिरंगियों के दांत खट्टे करने वाले शहीद राजकुमार बाघ की शहादत दिवस पर जनपद वासियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। रविवार को जिला कारागार स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनकी शहादत से प्रेरणा लें नए समाज के स्थापना का संकल्प लिया।
जिला कारागार स्थित राजकुमार बाघ की प्रतिमा स्थल पर सुबह पहुंचे लोगों ने उनकी शहादत को याद किया और उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान शहीद के पुत्र वंशीधर को माला पहनाकर सम्मानित भी किया गया। शहीद के व्यक्तित्व की चर्चा करते हुए वक्ताओं ने कहा कि राजकुमार को बाघ की उपाधि जवाहर लाल नेहरू ने बलिया आगमन के दौरान दी थी। वक्ताओं ने कहा कि आवश्यकता है कि राजकुमार बाघ की शहादत का सम्मान करते हुए एक स्वच्छ समाज की स्थापना की जाए। बाघ को माल्यार्पण करने वालों में विधायक गोरख पासवान, वीरेंद्र पाठक, संजय उपाध्याय, मिठाईलाल भारती, डा.मदन राम, रामेश्वर पासवान, इंदल राम, महफूज आलम, अमर नाथ पासवान आदि मौजूद थे। इसी क्रम में गोठहुली के ग्राम प्रधान शंकर पासवान उर्फ फौदार ने भी बाघ की प्रतिमा पर माला पहनाई तथा उन्हें श्रद्धाजंलि अर्पित की। चौकीदार एसोसिएशन के बैनर तले चौकीदारों ने भी बाघ की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस दौरान चौकीदार संघ के जिला अध्यक्ष शारदानंद पासवान, मनोज पासवान, रंजन भारतीय, हरेराम पासवान, राजकिशोर पासवान, शिवपुजन पासवान आदि मौजूद थे।